Breaking News
Home / राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय (page 5)

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

छत्तीसगढ़ में 35 सीटों पर लड़ेगी बसपा

लखनऊ.मायावती छत्तीसगढ़ में अजित जोगी की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगीं। बसपा यहां 35 और जोगी की पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री का चेहरा अजित जोगी रहेंगे।बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के एजेंट हैं। उन जैसे नेता कांग्रेस-बसपा का गठबंधन नहीं होने देना चाहते।
मायावती ने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम लेकर यह बयान देते हैं कि मायावतीजी पर केंद्र सरकार का बहुत बड़ा दबाव है। वह सीबीआई और ईडी का डर दिखाकर बसपा और कांग्रेस का किसी भी कीमत चुनावी गठबंधन नहीं होने देना चाहती। यह बयान उन्होंने टीवी चैनलों को दिया। यह पूरी तरह से असत्य, निराधार और तथ्यहीन है।’’मायावती ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी तो कांग्रेस-बसपा के बीच गठबंधन चाहते हैं। वे ईमानदारी से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दिग्विजय चाहते हैं कि बसपा खत्म हो जाए। राजस्थान में कांग्रेस हमें 200 में 9 सीटें दे रही थी। मध्यप्रदेश में हमें 230 में से 15-20 और छत्तीसगढ़ में 90 में से केवल 5-6 सीटें दे रही थी। जब भी हम गठबंधन में चुनाव लड़े तो हमारा सारा वोट शेयर कांग्रेस के पास चला गया। हम ज्यादा सीटें हार गए। इस बात पर ध्यान दिया तो हमने सोचा कि कांग्रेस बसपा जैसी छोटी पार्टियों को खत्म करना चाहती है।’’
बसपा प्रमुख ने कहा- कांग्रेस लगातार अभिमानी होती जा रही है। उन्हें गलतफहमी है कि वे भाजपा को अपने दम पर हरा सकते हैं। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि जनता ने कांग्रेस की गलतियों और भ्रष्टाचार को माफ नहीं किया है। कांग्रेस अपने आपको पहचानने के लि
मायावती के भाजपा एजेंट बताने पर दिग्विजय ने कहा, ”इस बारे में उन्हीं से पूछिए। मैं मोदीजी, अमित शाह, भाजपा और आरएसएस का कड़ा आलोचक हूं। राहुल गांधी हमारे कांग्रेस अध्यक्ष हैं। हम उन्हीं के निर्देशों का पालन करेंगे।”

Cont for News & Adv.
Dr.Bharat Bhushan Sharma
Face Warta Hindi News magazine &
www.todayface.in
Greater Noida UP [India] +91 9871493277
email:-sharmaface07@gmail.com

ई टेंडरिंग को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया

एनसीआरटी की किट्स की ई टेंडरिंग को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है बताया यह जा रहा है कि नियमों को ताक पर रखकर एनसीआरटी की किट्स की ई टेंडरिंग एनसीईआरटी के डायरेक्टर और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से गुजरात की कुछ निजी कंपनियों को टेंडर दिए गए जिन कंपनियों के पास एनसीआरटी किट्स का टेंडर दिया गया है वह कंपनियां ई टेंडर के लिए एलिजिबल ही नहीं है….जिन कंपनियो को निजी फायदे के लिए टेंडर दिए गए है इन 4 कंपनियो को एनसीआरटी के काम का कोई तजुर्बा तक नही है ….ये सभी कंपनियो फर्नीचर का काम करती है ……
आपको बता दें एनसीआरटी किड्स की ई टेंडरिंग 2016 में हुई थी जिसमें पहले से एलिजिबल कंपनियां काम कर रही थी लेकिन 2016 में अचानक गुजरात की कुछ कंपनियों को निजी फायदा पहुंचाने के चक्कर में एनसीआरटी के डायरेक्टर और एनसीईआरटी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ई टेंडर गलत तरीके से और नियमों को ताक पर रखकर गुजरात की चार कंपनियों को दे दिया गया सबसे बड़ी बात वह है जिन कंपनियों को एनसीआरटी का टेंडर्ड दिया गया कंपनियां एनसीआरटी के टेंडर्स को लेने के लिए एलिजिबल ही नहीं है बावजूद उसके अधिकारियों की मिलीभगत से ई टेंडर गुजरात की 4 कंपनियों को दे दिया गया जिन कंपनियो को टेंडर दिए गए है उनके नाम 1.TITLE DISPLAY SYSTEM PVT LTD …….
2.NIRMAN MULTIART PVT LTD……..

3.MIT ENTERPRISES…………

4.SUJAKO INTERIORS PVT LTD..
..ये सभी कंपनियां गुजरात के अहमदाबाद की है …..इस पूरे मामले में एलिजिबल कंपनियों द्वारा एचआरडी मिनिस्ट्री पीएम मो सीबीआई सहित कई जगह शिकायत की गई लेकिन इस पूरे मामले पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई ….हालांकि खाना पूर्ति के लिए इस पूरे मामले पर विजिलेंस की जांच चल जरूर रही है लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नही किया गया


BYTE — UMESH GUPTA (शिकायतकर्ता)

3 अगस्त 2018 को फिर से टेंडर की डेट आई लेकिन इस बार भी एनसीईआरटी में भ्रष्टाचार चरम पर दिखा गुजरात की उन्हीं चार कंपनियों को पहले से दिए गए टेंडर को एक्सटेंड कर दिया गया जबकि नियम के मुताबिक टेंडर को एक्सटेंड नहीं किया जा सकता निजी फायदे के लिए यह टेंडर एक बार फिर उन कंपनियों के हाथ में दिया गया जिन कंपनियों ने कभी एनसीईआरटी का काम किया ही नहीं था इस पूरे मामले में कई लोगों के द्वारा शिकायतें की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया एनसीईआरटी में चल रहे इस भ्रष्टाचार के लिए एक आरटीआई भी लगाई गई और यह पूछा गया कि आपके पास इस तरह के कितनी शिकायतें आई हैं तो पहले कई आरटीआई का जवाब ही नहीं आया और जिस आरटीआई का जवाब आया उसमें यह लिखा हुआ आया है कि हमें खुद नहीं पता कि हमारे पास कितनी शिकायतें आई है
-AMIT SAXENA(शिकायतकर्ता)SHUBRA(शिकायतकर्ता)
इस पूरे मामले पर विजिलेंस की जांच चल जरूर रही है लेकिन जांच के नाम पर कुछ नही हुआ बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर कैसे एनसीईआरटी में भ्रष्टाचार चरम पर है आखिर कैसे कुछ निजी कंपनियों को फायदे के लिए नियमों को ताक पर रख कर टेंडर्स दिए जा रहे हैं आखिर क्यों एचआरडी मिनिस्टर एनसीआरटी में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं आखिर कैसे उन कंपनियों को टेंडर्स दिए जा रहे हैं जो कंपनियां एनसीईआरटी के दिए जा रहे काम को लेकर एलिजिबल ही नहीं है

बच्चों के स्कूलों में छुट्टी क्यों ? Shashi Dhangar

Check out @DhangarShashi’s Tweet: https://twitter.com/DhangarShashi/status/1046954798820593664?s=08
गांधीजी’ अर्थात सुसंस्कृत विरासत के जन्मदिन 2 अक्टूबर को बच्चों के स्कूलों में छुट्टी क्यों ? आज के दिन स्कूलों में विभिन्न कार्यशालाएं जैसे…सफाई अभियान, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिताएं, प्रश्नोतरी सरीखे खेल इत्यादि का आयोजन करें,ताकि बच्चे उनके दर्शन को अपनी जीवनशैली बना सकें ।

14 अरब घोटाला मामले में नहीं होगी CBI-SIT जांच ,बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र विवेक के परिवार वालों से मिले।

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने विवेक तिवारी की हत्या को भाजपा सरकार की गलत व जनविरोधी नीतियों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस बर्बर व निरंकुश हो गई है। मायावती के निर्देश पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र विवेक के परिवार वालों से मिले।
मायावती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से जनता का विश्वास पुलिस व सरकार से उठ गया है। उत्तर प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकार बनी है तबसे दलितों, पिछड़ों व मुस्लिमों के साथ सवर्ण समाज खासकर ब्राह्मण समाज के लोगों पर अन्याय व अत्याचार बढ़ा है। विवेक की हत्या से सरकार बेनकाब हुई है। दोषी पुलिसकर्मियों के साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रियों द्वारा बहाए जा रहे घड़ियाली आंसुओं से ऐसा नहीं लगता है कि इस मामले में भी समय से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा। घटना के दोषी व इसे दूसरा मोड़ देने का प्रयास करने वाले पुलिस वालों पर पहले उचित कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार से मिलने का प्रयास करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। भाजपा सरकार के मंत्री पीड़ित परिवार से मिलकर केवल फोटो खिंचवाने व सस्ती लोकप्रियता बटोरने के साथ उन पर दबाव बनाने में लगे दिखे।
14 अरब के स्मारक घोटाले में बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई या एसआइटी से कराए जाने की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने याचिका में पब्लिक इंट्रेस्ट न होने का हवाला देते हुए इसे खारिज किया है।
राज्य सरकार ने इस तरह की मांग उठाने वाली अर्जी को खारिज किये जाने की सिफारिश की थी। सरकार की संस्तुति पर ही अदालत ने सीबीआई या एसआईटी जांच का आदेश दिए जाने की मांग को लेकर दाखिल की गई अर्जी को खारिज कर दिया। राज्य सरकार ने अदालत को यह भरोसा दिलाया कि स्मारक घोटाले की विजिलेंस जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही इसे पूरा भी कर लिया जाएगा।

50 जिले नवोदय विद्यालय से महरूम क्योंकि इन जिलों में कोई ग्रामीण आबादी नहीं है.

नई दिल्लीः देश के करीब 150 जिलों में केंद्रीय विद्यालय (केवी) और 50 जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) अभी भी नहीं हैं जबकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कहना है कि देश के सभी जिले में एक एक नवोदय विद्यालय स्वीकृत किये गए हैं. केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना नवंबर 1962 में और नवोदय विद्यालय समिति की स्थापना 1985 में हुई थी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़ों से यह बात सामने आई है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ब्यौरे के अनुसार, तमिलनाडु ने अब तक नवोदय विद्यालय योजना को स्वीकार नहीं किया है.
संसद के मानसून सत्र के दौरान एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मध्य दिल्ली, मुम्बई, मुम्बई उप शहरी, हैदराबाद, कोलकाता जिलों में नवोदय विद्यालय मंजूर नहीं किये गए हैं क्योंकि इन जिलों में कोई ग्रामीण आबादी नहीं है.
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के 26 जिले, मणिपुर के सात जिले, अरूणाचल प्रदेश, असम के छह-छह जिले, हरियाणा,पश्चिम बंगाल के तीन जिले, महाराष्ट्र के एक-एक जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय नहीं है.

LPG सिलेंडर के बढ़े दाम,

नई दिल्ली: सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 2.89 रुपये बढ़कर 502.4 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. वहीं, दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर अक्तूबर में 59 रुपये महंगा हो गया. इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा कि सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुख्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के चलते की गई है.
सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर पौने दो रुपये महंगा
सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत पर वास्तिवक प्रभाव मात्र 2.89 रुपये प्रति सिलेंडर पड़ेगा. इसकी प्रमुख वजह उस पर जीएसटी का लगना है. अक्टूबर में ग्राहकों के खाते में 376.60 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी जमा की जाएगी जो सितंबर 2018 में 320.49 रुपये थी.
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को सरकार ने घरेलू प्राकृतिक गैस (PNG) का दाम 10 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की थी. बढ़ी दर 1 अक्टूबर से लागू होगी. सरकार के इस कदम से सीएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं और विद्युत एवं यूरिया उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार, प्राकृतिक गैस के अधिकांश घरेलू उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत मौजूदा 3.06 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 3.36 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दी गई है. बढ़ी दर एक अक्टूबर से प्रभावी होगी.

Cont for News & Adv.
Dr.Bharat Bhushan Sharma
Face Warta Hindi News magazine &
www.todayface.in
Greater Noida UP [India] +91 9871493277
email:-sharmaface07@gmail.com