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जी.एन.आई.ओ.टी कॉलेज के मैकेनिकल विभाग के 38 विद्यार्थियों को मिला प्लेसमेंट

ग्रेटर नॉएडा (BHARAT SHARMA) जी.एन.आई.ओ.टी कॉलेज में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया जिनमें प्रमुख रूप से अंजनी टेक्नोप्लास्ट, यिंगटोंग इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं ग्लोबल ऑटोटेक जैसी दिग्गज कंपनियों ने छात्रों का ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के लिए चयन किया। इस ड्राइव में बी.टेक के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने भाग लिया। जिसमें अंजनी टेक्नोप्लास्ट ने 30 छात्र – छात्राओं का चयन किया। यिंगटोंग ने 6 छात्रों का चयन किया और ग्लोबल ऑटोटेक ने 2 छात्रों का चयन किया।
संस्थान के हेड प्लेसमेंट अफसर रोहित पाण्डेय ने सभी कंपनियों के चयनकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और निदेशक डॉ. रोहित गर्ग ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी।

जी.एन.आई.ओ.टी कॉलेज में सार्वभौमिक मानव मूल्यों और व्यावसायिक नैतिकता पर चल रहे 8 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम समापन

ग्रेटर नॉएडा  (BHARAT SHARMA) ग्रेटर नॉएडा  के जी.एन.आई.ओ.टी कॉलेज में वैल्यू सेल ए.के.टी.यू. , लखनऊ के सौजन्य से सार्वभौमिक मानव मूल्यों और व्यावसायिक नैतिकता पर चल रहे 8 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफलता पूर्ण समापन हुआ। इसमें संस्थान सहित विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के लगभग 50 शिक्षकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, ए.के.टी.यू. के प्रबोधक डॉ. कुमार संभव ने कार्यक्रम के प्रथम दो दिन शिक्षा की भूमिका व मनुष्य के सुख, समृद्धि और समझ, सम्बन्ध, सुविधा पर विस्तृत चर्चा की। तीसरे दिन मानव की इच्छा विचार आशा एवं सुख के स्रोतों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के चैथे – पांचवे दिन परिवार व्यवस्था के लिए विश्वास, सम्मान, स्नेह, ममता, वात्सल्य, श्रद्धा, गौरव, कृतज्ञ एवं प्रेम पर गहन चर्चा हुई।
छठे एवं सातवें दिन समाज व्यवस्था, प्रकृति एवं अस्तित्व की व्यवस्था के विषय में बताया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपनी समझ में परिमार्जन एवं व्यवस्था में भागीदारी के लिए प्रतिबद्धताओं को भी साझा किया और साथ ही प्रमाणपत्र वितरण समारोह का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. रोहित गर्ग, निदेशिका (एम.बी.ए) डॉ. सविता मोहन, अन्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बी.एस. चैहान एवं डॉ. राजदेव तिवारी भी उपस्थित रहे।
संस्थान के वैल्यू सेल के संयोजक मनोज कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि ,सभी विभागाध्यक्षों व शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
निदेशक डॉ. रोहित गर्ग ने कार्यक्रम के सफल आयोजन व संचालन के लिए सम्पूर्ण स्टाफ व फैकल्टी मेंबर्स को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

सड़क पर नहीं फेंकनी पड़ेगी उपज, किसान के घर से उत्पाद उठाएगी सरकार-मोहित सिंघला

ग्रेटर नोएडा (facewarta news) आने वाले दिनों में ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।उप्रपंजाबहरियाणा और अन्य राज्य से ये समाचार आते हैं कि अधिक उपज होने की वजह से किसानों को उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिली। उन्होंने विरोध करते हुए अपनी उपज को सड़क पर फेंक दिया है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ग्रेटर नोएडा एक्सपो सेंटर में ट्रेड प्रमोशन काउंसिल आफॅ इंडिया, टीपीसीआई, की ओर से आयोजित इंडस फूड—2 के उदघाटन के अवसर पर यह जानकारी  देते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उनके मंत्रालय—सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं।

 

खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल कहा कि जहां भी अधिक पैदावर होगी वहां पर हम किसानों के घर से उपज उठाएंगे। उन्हें ऐसे राज्य में भेजेंगे जहां पर लोगों के बीच उसकी मांग है। वहीं बची हुई उपज को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को दिया जाएगा। इससे न केवल किसानों की समस्या हल होगी बल्कि उनकी आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए नेफेड सहित कई अन्य संस्थानों के साथ करार किये गए हैं। टीपीसीआई के चेयरमेन मोहित सिंघला ने इस अवसर पर कहा कि हम किसानों और उत्पादकों को इंडस फूड के माध्यम से वैश्विक खरीदारों का करार करा रहे है। इससे किसानों को आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के साथ ही वाणिज्य मंत्रालय इसमें सहयोग कर रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इंडस फूड—2 के उदघाटन पर कहा कि भारत की 60 प्रतिशत आबादी किसानी—खेतीबाड़ी से जुड़ी है। लेकिन हम अपने कुल उत्पादन का केवल 10 प्रतिशत ही प्रसंस्करण के लिए उपयोग में ला पाते हैं। जबकि अन्य बिना उपयोग किये ही खराब हो जाता है। वहीं दूसरी ओर हमारे खाद्य बाजार में 70 प्रतिशत उत्पाद खाद्य से जुड़ा है लेकिन किसानों को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। इस समस्या के हल और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए दो अलग योजनाएं शुरू की है। इसमें से एक में हम उन राज्यों से खरीदारी करेंगे जहां पर किसी उत्पाद की बंपर उपज हुई है। लेकिन उसकी कीमत किसानों को नहीं मिल रही है। वहां से हम किसानों से सीधे खरीद करेंगे। नेफेल सहित अन्य संस्थाएं यह खरीद करेंगे। इसी तरह से हम किसानों को मिनी कोल्ड चेन बनाने या फिर उन्हें अपना उत्पाद अपने ब्रांड से बाजार में लाने के लिए 1 से लेकर 10 लाख रूपये तक का ऋण देंगे। इसी तरह से हम मिनी फूड पार्क को भी ऐसे राज्यों में स्थापित कर रहे हैं जहां पर किसानों को इसकी जरूरत है। इसके लिए हम 50 करोड़ रूपये तक का ऋण भी दे रहे हैं। इससे किसानों को उनके घर के नजदीक ही अपनी उपज बेचने में मदद मिलेगी। मोदी सरकार के समय में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हुए निवेश को बताते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल में इस क्षेत्र में दस साल में 50 मिलियन से भी कम निवेश हुआ था। जबकि हमारे साढ़े चार साल के समयकाल में यह राशि लगभग दोगुनी एक बिलियन तक हो गई है। इसी तरह से हमनें इस क्षेत्र में 14 बिलियन डॉलर के निवेश का करार किया था और इस समय तक 30 कंपनियों ने 11 बिलियन डॉलर तक के निवेश को लेकर जमीन पर काम शुरू कर दिया है।

वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और इंडस फूड आयोजन समिति के चेयरमेन संतोष सारंगी ने कहा कि इंडस फूड को वैश्विक खाद्य मेला के तौर पर मान्यता मिल रही है। पिछले साल इसके पहले संस्करण में जहां 400 वैश्विक कंपनियां आई थी तो इस बार यह संख्या 800 से अधिक पहुंच गई है।

इस अवसर पर ट्रेड प्रमोशन काउंसिल आफॅ इंडिया, टीपीसीआई, के चेयरमेन मोहित सिंघला ने कहा कि इंडस फूड—2 का मुख्य ध्येय—लक्ष्य छोटे—मंझोले उद्योग के लिए निर्यात—एक्सपोर्ट बढ़ाने का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए खरीदार या बायर को उनके द्वार पर लाया गया है। जैविक, वैल्यू एडेड और आर्गेनिक उत्पाद बनाने वाले भारतीय उद्योग के लिए इस मेला के माध्यम से कारोबार का अवसर बढ़ेगा। किसानों की आय दोगुनी करने मे भी यह सहायक होगा क्योंंकि जब कारोबार बढ़ेगा तो किसानों की आय दोगुनी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब इंडस फूड के माध्यम से स्वयं सरकार दुनिया के बेहतरीन उत्पाद खरीदारों को चिन्हित कर रही है और गुणवत्ता युक्त उत्पाद बनाने वाले भारतीय कंपनियोंं—उत्पादकों के साथ उनकी वार्ता का अवसर उपलब्ध करा रही है, इससे सीधे किसानों को लाभ होगा। इतना ही नहीं, हमारे कृषि निर्यात नीति या एग्री एक्सपोर्ट पॉलिसी में जिस 60 बिलियन डॉलर के बिजनेस निर्यात—एक्सपोर्ट का लक्ष्य तय किया गया था, वह अब पहुंच के अंदर होगा।

मोहित सिंघला ने कहा कि इंडस फूड 2019 वैल्यू एडेड और आर्गेनिक उत्पाद पर केंद्रीत मेला होगा। भारत को आर्गेनिक उत्पाद वाले देशों की सूची में प्रथम स्थान पर रखा गया है क्योंकि यहां पर कुल आर्गेनिक उत्पादकों की संख्या सबसे अधिक है। यहां पर करीब 11 लाख से अधिक किसान आर्गेनिक या जैविक उत्पाद ही उत्पन्न कर रहे हैं। ऐसे समय में जब सरकार जैविक उत्पादन को सभी निर्यात बंधनों से मुक्त कर रही है, इस क्षेत्र में तीव्र गति से कारोबार का विकास होगा। यह 60 बिलियन डॉलर के कारोबार के लक्ष्य को 2022 तक हासिल कर लेगा। एग्री एक्सपोर्ट पॉलिसी 2018 में इसका लक्ष्य तय किया गया था। रोचक तथ्य यह है कि वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने इंडस फूड—1 के उदघाटन में ही एग्री एक्सपोर्ट पॉलिसी को शीघ्रता से लाने का ऐलान करते हुए कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि इंडस फूड मेला आने वाली पॉलिसी के लक्ष्य को हासिल करने में अपनी भूमिका निभाएगा।

इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 14—15 जनवरी को आयोजित हो रहे इंडस फूड—2 में सामने आते या इमर्जिंग ब्रांड, वैल्यू एडेड और आर्गेनिक उत्पाद से जुड़ा है। यह भारत की एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। भारत अपनी पाक—कला विविधता के साथ ही योगा, आयुर्वेद के लिए दुनिया में पहचाना जाता है। उस कड़ी में अब इमर्जिंग ब्रांड, वैल्यू एडेड और आर्गेनिक उत्पाद भी इसकी एक नई पहचान होंगे।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग की ओर से समर्थित इंडस फूड वैश्विक स्तर पर फूड—वेबरेज इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधि मेला बन गया है। इसके माध्यम से इस क्षेत्र के भारतीय और वैश्विक कारोबारी एक मंच पर एक छत के नीचे न केवल मिल रहे हैं बल्कि इनके बीच कई करार भी हो रहे हैं। यहां पर दुनिया भर के बड़े सुपरबाजार  और वैश्विक वलर्ड सुपरमार्केट भारतीय उत्पाद को परख रहे हैं। उनके उत्पादकोंं से मिल रहे हैं और करार कर रहे हैं। जहां इंडस फूड—1 के दौरान ट्रेड प्रमोशन काउंसिल आफॅ इंडिया का ध्यान वैश्विक खरीदारों और भारतीय कॉमोडिटी निर्यातकों पर केंद्रीत था तो इस बार दुनिया के 800 से अधिक अंतरराष्ट्रीय थोक या होलसेल खरीदारों को मेला में लाया गया है। करीब 80 देश के लगभग सभी बड़े वैश्विक फूड चेन और खाद्य—लाइफस्टाइल उत्पाद से जुड़े सरकारी संस्थानों को यहां पर 15 उत्पाद जोन में एकत्रित किया गया है, जहां पर भारतीय निर्यातक उनसे मिल पाएंगे।

मोहित सिंघला ने कहा कि फिलहाल तक छोटे और मंझोले उत्पादकोंं के सामने यह चुनौती थी कि वह वैश्विक खरीदार तक कैसे पहुंचे। लेकिन इंडस फूड ने इस समस्या को खत्म करने का प्रयास किया है। यह एक प्लेटफार्म है जहां पर वे सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से मिल पाएंगे। अपने उत्पाद की खासियत बताने के साथ ही उनके साथ कारोबारी गठबंधन कर पाएंगे। इससे भारतीय उत्पाद भी दुनिया भर के मुल्कों की दुकानों—शोरूम के विंडो में सजे हुए नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला इंडस फूड—1 से न केवल आकार बल्कि कारोबारी दृष्टि से भी बड़ा है इसलिए यह पिछले इंडस फूड—1 में हुए 650 मिलियन डॉलर के बिजनेस से अधिक का कारोबार करेगा।

इंडस फूड—1 वर्ष 2018 की शुरूआत में हुआ था। इसमें 43 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। वहीं 12 वर्ग या कैटेगिरी में करीब 320 से अधिक भारतीय निर्यातकों—एक्सपोर्टरों ने इसमें हिस्सा लिया था। इंडस फूड—1 में करीब 650 मिलियन डॉलर का करार—कारोबार हुआ था। टीपीसीआर विभिन्न एसोसियेशन और विदेश में कार्यरत करीब 84 भरतीय मिशन के नोडल अधिकारियों के सहयोग से इस मेला के लिए दुनिया भर में विभिन्न कारोबारी चैंबर्स के साथ संपर्क किया और उनसे इसके लिए करार किया। जिन देशो में इसके लिए संपर्क किया गया उसमें अमेरिका, यूरोप, आसियान और खाड़ी देश शामिल हैं। भारतीय डेयरी, इथनिक फूड, स्वीटस, कंफेक्शनरी प्रमुख क्षेत्र हैं जिसके लिए वैश्विक बाजार में काफी संभावना है और उसी को लक्षित करने के लिए दुनिया के इन मुल्कों के प्रतिनिधियोंं को भी यहां बुलाया गया है जो न केवल इन क्षेत्रो के प्रतिनिधियों से मिलेंगे बल्कि उनके उत्पाद को अपने देश में बड़ा बाजार भी देंगे। दुनिया भर के 800 से अधिक वैश्विक फूड—वेबरेज इंडस्ट्री के दिग्गजों की उपस्थिति वाला इंडस फूड—2 मेला का दिल्ली—एनसीआर के एक्सपो सेंटर में शुरू हो गया है। यह भारत का अधिकारिक निर्यात—एक्सपोर्ट केंद्रीत फूड—वेबरेज मेला है, जिसका उददेश्य भारतीय उत्पाद को वैश्विक मंच और निवेशक दिलाना है तो वैश्विक निवेशकों को भारतीय उत्पाद बनाने वाली कंपनियोंं में निवेश का अवसर उपलब्ध कराना है। यहां पर न केवल फूड—वेबरेज बल्कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण—फूड प्रोसेसिंग उद्वोगों से जुड़े दिग्गजों को एक मंच पर लाने के साथ उनके बीच करार की संभावना बढ़ाना और स्वास्थ्य के प्रति सचेत दुनिया भर के ग्राहकोंं के लिए बेहतरीन प्रोडेक्ट को दुनिया के हर मुल्क तक पहुंचाना है। इस मेला के माध्यम से भारतीय उत्पादकोंं को दुनिया के सभी देशों तक अपने उत्पाद को पहुंचाने की सुविधा दिलाने के लिए उन्हें अलग मुल्कों से आए विशेष प्रतिनिधियों के साथ करार की वार्ता का मंच भी दिया जा रहा है।

निष्क्रिय ओर संगठन विरोधी कार्यों मे लिप्त प्रदेश और जिले के कार्यकर्ताओं पर गिरेगी गाज:- नरेश कुच्छल

नोएडा।  (Facewarta Bharat Sharma) उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई की मासिक बैठक का आयोजन नव निर्मित जिला कार्यालय एच -137, सेक्टर 63 पर जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। सर्वप्रथम जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने वहाँ मौजूद सभी कार्यकर्ताओं को लोहड़ी एवं मकर संक्रांति की बधाई दी तत्पश्चात बैठक की कार्यवाही प्रारंभ हुई। मासिक बैठक मे आगामी 21 जनवरी को व्यापारी मांगो को लेकर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कि रूपरेखा पर चर्चा की गई और सर्वसम्मति से यह भी तय हुआ कि शिर्ष नेतृत्व द्वारा दिये गए निर्देशानुसार निष्क्रिय ओर संगठन विरोधी कार्यों मे लिप्त प्रदेश और जिले के कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की जाये जिसका सभी ने एक स्वर मे समर्थन किया ओर साथ ही 17 मार्च को व्यापारी सम्मेलन ओर होली मिलन समारोह पर सहमति बनी। जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि का जिला कार्यालय प्रारंभ होने के पश्चात जोनल कार्यालय होशियारपुर सेक्टर 51 तुरंत प्रभाव से भंग किया जाता है।उन्होंने पदाधिकारियों से आग्रह किया की अपनी समस्याओं से जिला कार्यालय को अवगत कराएं ताकि समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द कराया जा सके। प्रवक्ता चन्द्रप्रकाश गौड़ ने कहा कि जल्द ही शीर्ष नेतृत्व के आदेशानुसार रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा एवं संगठन विरोधी कार्यो मे लिप्त पदाधिकारियों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा ओर नये कर्मठ कार्यकर्ताओं को संगठन मे महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा।

चैयरमेन रामअवतार सिंह, कोषाध्यक्ष मूल चन्द गुप्ता,अध्यक्ष व्यापार मंडल गुड्डू यादव, महामंत्री आजिम अली, वरिष्ठ महामंत्री मनोज भाटी, महामंत्री संदीप चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव सिंघल, राजकुमार गोयल, डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील सिंघल ,सी एल शुक्ला, महामंत्री दिनेश महावर,राजीव अग्रवाल, आर के रेवार, निशांक डागर, विवेक गोयल, सुनील कुमार, लाल बहादुर तिवारी, बृजमोहन राजपूत, अंकित कौशिक, ओमपाल शर्मा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

देश के रिटेल व्यापार के लिए एक नेशनल पालिसी कॉर रिटेल ट्रेड बनाई जाए।

  नोएडा  (facewarta)राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन और उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में व्यापारी समागम एवं व्यापारी रत्न सम्मान समारोह का आयोजन 14 जनवरी को दोपहर 3 बजे से सेक्टर 6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जीएसटी, ई-वे बिल, खाद्य सुरक्षा मानक, एफडीआई, ऑनलाइन ट्रेडिंग ई-व्यापार से होने वाली खुदरा व्यापार पर प्रभाव और कुटीर उद्योग की समस्याओं का समाधान के लिए आयोजित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रातीय अध्यक्ष विकास जैन ने बताया कि देश के रिटेल व्यापार के लिए एक नेशनल पालिसी कॉर रिटेल ट्रेड बनाई जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल केंद्र और प्रदेश सरकार से खुदरा व्यापार मंत्रालय की स्थापना करने की भी मांग करता है। जिससे खुदरा व्यापारियों की समस्याओं को सुना और समझा जा सके। वहीं, दूसरी ओर देश से वस्तुओं के निर्यात करने की संभावनाएं भी बढ़ेगी। देश का घरेलू व्यापार एक लम्बे समय से बेहद उपेक्षित रहा है और किसी भी सरकार ने इस क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कई कदम नहीं उठाया है। नोएडा सेक्टर 49 में पत्थर मार्केट सहित 8 एकड़ जगह एनजीटी ने 2021 औ र 2031 के मास्टर प्लान के तहत पत्थऱ व्यापारियों, सेक्टर 49 का थाना और सत्संग आश्रम को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्राधिकरण ने सिर्फ पत्थर व्यापारियों को ही निर्वासित करने का कार्य किया। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल और राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह से मुलाकात की। साथ ही प्रदेश सरकार के समक्ष मांग की कि ग्रीन बेल्ट वाले क्षेत्र को निष्पक्ष तरीके से हटाया जाए। 20 साल से अधिक समय से व्यापार कर रहे व्यापारियों को उनको हटाने से पहले व्यापार करने के लिए नोएडा में भूमि आवंटित की जाए।
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन खुदरा व्यापारियों की समस्याओं को सरकार के सामने रखना है। यह संगठन अन्य संगठनों से बिल्कुल अलग है। एनएसओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में लगभग  6.5 करोड़ छोटे व्यवसाय है। यह व्यवसाय देश की जीडीपी में लगभग 32 प्रतिशत का योगदान देता है और लगभग 43 करोड़ लोगों को रोजगार देता है और प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख करोड़ रुपये का व्यापार करता है। अर्थव्यवस्था का इतना बड़ा सेक्टर होने के बाद भी देश में किसी भी सरकार ने इसका कोई महत्व नहीं रखा है। अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों जिनमें उद्योग, लघु उद्योग, कृषि, किसान आदि शामिल है। सब व्यापार के लिए मंत्राय भी है और उसके लिए पॉलिसी भी गठित की जाती है, लेकिन केवल खुदरा व्यापार के लिए सरकार द्वारा किसी भी तरह की कोई पॉलिसी नहीं बनाई जाती है।
https://youtu.be/Z-vVEC57R30?t=2
इस मौके पर उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के नवनीत गुप्ता, विकास जैन, हर्षित गुप्ता, ऋषभ जैन, अजय कुमार कौशिक, जगदीश गुप्ता, गणेश शर्मा, रवि गुप्ता, दिनेश शर्मा, मिथुन चौहान, दीपक अग्रवाल, संजय गोयल ध्रुव अग्रवाल सहित कई व्यापारी मौजूद थे ।

बाजारों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तपन्न ने हो रही समस्याओं से अवगत कराया

नोएडा। साप्ताहिक बंदी को लेकर विभिन्न बाजारों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई का एक प्रतिनिधि मंडल ने जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल के नेतृत्व मे सहायक श्रमायुक्त डॉ हरीश चंद्र सिंह एवं प्रधान सहायक मितेश कुमार सिन्हा से मुलाकात की और साप्ताहिक बंदी को लेकर उत्तपन्न हो रही समस्याओं से अवगत कराया । नरेश कुच्छल ने कहा कि प्रसाशन द्वारा प्राप्त आदेश के अनुसार हर बाजार सप्ताह में एक दिन अवश्य बंद रखना जरूरी है जिसका उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल स्वागत करता है। परन्तु कुछ व्यापारियों के लिए सप्ताह के सातों दिन दुकान खोल रखना आवश्यक है ऐसे व्यापारियों को श्रम कानूनों से अवगत कराया जाए कि क्या यह संभव है अगर है तो उपरोक्त के संदर्भ मे क्या कार्यवाही आवश्यक है। प्रवक्ता चन्द्रप्रकाश गौड़ ने कहा कि बाजारों को बंद रखना उचित है ताकि उन बाजारों मे होने वाले विकास कार्य प्रभावित न हो ओर साप्ताहिक बंदी के दौरान पूरे दिन मे बाजारों की छोटी मोटी समस्याओं का निराकरण हो सके ।

सहायक श्रमायुक्त डॉ हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान नियमावली 1963 के साथ 1962 के अधीन पठित उत्तर प्रदेश दुकान ओर वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम के अंर्तगत निर्धारित समय के पश्चात अपनी दुकानों ओर वाणिज्य संस्थानों को खोले रखने हेतु निर्धारित शुल्क का 50 प्रतिशत अतरिक्त भुगतान कर दुकान खोल सकते है। उन्होंने आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अधिक से अधिक व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन दुकान एव वाणिज्य नियमावली के अंतर्गत कराये ताकि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ भी व्यापारियों की मिल सके। इस अवसर पर चैयरमेन रामअवतार सिंह, वरिष्ठ महामंत्री मनोज भाटी ,महामंत्री दिनेश महावर, महामंत्री सत्यनारायण गोयल, प्रवक्ता चन्द्रप्रकाश गौड़ , सुशील सिंघल, महामंत्री राकेश गुप्ता, महामंत्री संदीप चौहान, राजकुमार गोयल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।